झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं

झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं । सूखे और पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए भेजी गई केंद्र की वाटर एक्सप्रेस ट्रेन को राज्य सरकार ने लेने से ही इनकार कर दिया है। हाल यह है कि यह ट्रेन बुधवार शाम से ही झांसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। यूपी सरकार ने महोबा के डीएम को निर्देश दिया है कि वो रेलवे को सूचित करें कि उन्हें पानी की ट्रेन नहीं चाहिए।

यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन के मुताबिक यूपी सरकार ने पानी के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्हें ट्रेन की जरूरत नहीं है। जहां जहां जरूरी है वहां हम टैंकर के जरिए पानी ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में एक एक कुआं भरने का निर्देश दिया गया है।

झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं
झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं

 रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेल मंत्रालय को भेजे एक पत्र में लिखा है, ‘हमारे यहां लातूर जैसी कोई समस्या नहीं है। अगर हमें पानी की जरूरत होगी तो रेलवे को सूचित करेंगे।’ बता दें कि सूखा प्रभावित महाराष्ट्र के लातूर में दो वाटर ट्रेनें भेजी गई थी।

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इस पत्र से उत्तर प्रदेश में जल संकट के संभावित समाधान के श्रेय की सुगबुगाहट भी आ रही हैं। 2017 में यूपी में चुनाव होने हैं। इस वाटर ट्रेन को बुंदेलखंड के महोबा जिले में जाना था, जहां 40 गांव भयंकर जल संकट से जूझ रहे हैं। कम जलस्तर की वजह से लगभग आधे हैंडपंप सूख चुके हैं।

झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं
झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं

इस बीच यूपी में सूखे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 मई को एक बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल होंगे। इस बैठक के लिए अखिलेश यादव शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

स्थानीय प्रशासन ने सरकारी ट्यूबवेल से पानी निकालकर टैंकरों के जरिए गांवों में पहुंचाने का काम शुरू किया है। अधिकारियों ने एक टीवी चैनल को बताया कि एक वाटर ट्रेन से कुछ नहीं होगा, आखिरकार वह टैंकर ही हैं जो लंबी दूरी तय कर गांव में पहुंच सकते हैं। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस ट्रेन को राज्य की तरफ से कहे बिना ही भेजा गया है।

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यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी की अभी कोई कमी नहीं है। हमने पहले से ही व्यवस्था कर दी है। पानी को रखने की भी जगह हो। अब उन्होंने ट्रेन भेजी तो पानी रखा कहां जाएगा? जब पानी की जरूरत पड़ेगी तब हम मांग लेंगे।

झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं
झांसी स्टेशन पर खड़ी है केंद्र की ये वाटर ट्रेन, अखिलेश सरकार लेने को तैयार नहीं

कांग्रेस सांसद राज बब्बर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण ठहराते हुए कहा कि पानी पर राजनीति करना उचित नहीं। जनता तक पानी न पहुंचने देना पाप है। वहीं, समाजवादी पार्टी के ही सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पानी के नाम पर मजाक कर रही है। उसने यह कदम उठाने से पहले राज्य सरकार से राय क्यों नहीं ली? वहां पानी के अलावा दूध और भोजन की भी जरूरत है। उसे क्यों नहीं भेजा, हम सभी इंतजाम कर चुके हैं।

केंद्र की तरफ से पहला बयान जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने दिया है। भारती बुंदेलखंड में ही आने वाली झांसी सीट से सांसद हैं। उन्होंने कहा, ‘बुंदेलखंड में लोग भूखे प्यासे हैं… जानवर पानी के बिना मर रहे हैं। यूपी सरकार घमंड न दिखाए। या तो लोगों को पानी दे या हमारा पानी उन तक पहुंचाए।’

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