जब पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर जवाब देकर आलोचक को बना लिया फैन…

नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया वेबसाइटों, खासतौर से माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के भरपूर इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं… दिलचस्प बात यह है कि उनके आलोचक भी बड़ी तादाद में सोशल मीडिया पर मौजूद हैं…

माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ऐसा किस्सा हमारी नज़र में आया, जिसमें पीएम ने अपने एक आलोचक को हैरान करते हुए ट्विटर पर उसकी पोस्ट पर जवाब दिया, और उसके बाद वह खुद को पीएम का प्रशंसक बनने से रोक नहीं पाया…

दरअसल, मामला शुरू हुआ था 27 मई, 2015 को, जब प्रधानमंत्री ने अपने कार्यालय (पीएमओ) के स्टाफ से मुलाकात के बारे में ट्वीट किया था…

इस तस्वीर वाले ट्वीट के कुछ ही मिनट बाद जैनी (@manichejain) नामक व्यक्ति ने लिखा, [email protected], मैं आपसे लगभग एक-तिहाई उम्र का हूं, लेकिन मुझमें आपकी तुलना में एक-तिहाई भी ऊर्जा नहीं है…”

जैनी (@manichejain) उस समय हैरान रह गए, जब अगले ही दिन उन्हें प्रधानमंत्री का ‘खिलखिलाता’ ट्वीट अपने नाम के साथ दिखाई दिया, जिसमें लिखा था, “हाहा, मुझे पूरा भरोसा है कि यह सच नहीं है… मेरा हमेशा मानना है – काम से संतुष्टि मिलती है, और इससे कभी थकान नहीं होती…”

इसके एक घंटे बाद, जिनेवा से एक भारतीय सुधांशु सिंह (@sssingh21) ने प्रधानमंत्री से सवाल किया, [email protected], शरीर और दिमाग को री-चार्ज करने के लिए कम से कम छह घटे की नींद ज़रूरी होती है… आप सिर्फ तीन घंटे की नींद से कैसे काम चलाते हैं…?”

सुधांशु सिंह (@sssingh21) को भी एक दिन बाद जवाब मिला, और मज़े की बात यह थी कि प्रधानमंत्री ने अपने जवाब के साथ-साथ यूट्यूब पर अपलोड किए गए अपने ही एक पुराने वीडियो को देखने की सलाह भी दे डाली… पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, [email protected], गूगल हैन्गआउट में दिया मेरा यह जवाब आपको पसंद आना चाहिए… https://t.co/4LnzXKbS5g”

खैर, हर आम आदमी की तरह प्रधानमंत्री से जवाब पाकर सुधांशु भी खुशी से फूले नहीं समाए, और लिखा, “हे भगवान… मुझे प्रधानमंत्री ने जवाब दिया… मैं यकीन नहीं कर पा रहा हूं…”

इसके बाद ट्वीट-रीट्वीट-रिप्लाई की इस कड़ी में वह मोड़ आया, जिसने प्रधानमंत्री के प्रशंसकों की गिनती को बढ़ाया… दरअसल, सुधांशु के ट्वीट पर लतीशाचारी (@latishachary) नामक एक व्यक्ति ने लिखा, “सर जी, आप सौभाग्यशाली हो… मुझे नहीं लगता, @narendramodi कभी भी मुझे जवाब देंगे, क्योंकि मैं उनकी आलोचना करने लगा हूं…”

बस, अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाम लेकर लतीशाचारी (@latishachary) को जवाब दिया, “आपको ऐसा क्यों लगता है…? रचनात्मक आलोचना तो लोकतंत्र का आधार है… इसे तो प्रोत्साहन मिलना ही चाहिए… आप अपनी बात खुलकर कहें…”

बस, फिर क्या था… लतीशाचारी (@latishachary) का हाल भी कुछ-कुछ वैसा ही हुआ, जैसा पहले दोनों लोगों का पीएम से जवाब पाकर हुआ था… लतीशाचारी ने लिखा, [email protected], हे महादेव… मैं यकीन नहीं कर पा रहा हूं कि आपने मेरे पोस्ट पर जवाब दिया… आज मैं धन्य हो गया, सर जी…”

फिर लतीशाचारी को जगह-जगह से पोस्ट मिलने शुरू हो गए, जिनमें उसे खुशकिस्मत बताया जा रहा था… ऐसा ही एक पोस्ट आया, intolerant (@Aks9009Pa) की ओर से, जिन्होंने लिखा, “देखा @latishachary, खुशी ऐसे-ऐसे कोनों से आ जाती है, जहां से हमें उम्मीद नहीं होती… और आप तो बहुत भाग्यशाली हो कि आपको यह खुशी @narendramodi के जरिये मिली… अब खुश हो जाओ…”

…और फिर लतीशाचारी (@latishachary) ने लिखा, [email protected] हां, सातवें आसमान में हूं, @narendramodi…”

 


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